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माँ पर शायरी — माँ के लिए 25 भावुक शेर
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माँ पर शायरी — माँ के लिए 25 भावुक शेर

✍️ Aakash Sharma
January 15, 2026
7 min read

इस पूरी कायनात में अगर भगवान का कोई साक्षात और सबसे सुंदर रूप है, तो वो है "माँ"। माँ केवल एक शब्द नहीं बल्कि पूरा ब्रह्मांड है, जिसमें निस्वार्थ प्रेम, असीम धैर्य और अनमोल ममता समाई हुई है। सुबह की पहली किरण से लेकर रात की गोद तक, जो बिना किसी छुट्टी या स्वार्थ के हमारे लिए धड़कती है, वो केवल माँ ही हो सकती है। हमारे छोटे से दर्द पर जिसका दिल दहल जाता है और जिसकी दुआएं हर बला को टाल देती हैं, वो केवल हमारी माँ की ही ताकत है।

अपनी प्यारी माँ के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और गहरे प्यार को शब्दों में पिरोने के लिए हम आपके लिए लेकर आए हैं माँ पर २५ बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाली शायरियों का अनमोल संग्रह। इन्हें पढ़कर आपकी आँखें ज़रूर नम हो जाएंगी और अपनी माँ को गले लगाने का मन करेगा।


ममता की मूरत: माँ के लिए 25 भावुक शेर

घुटनों से रेंगते-रेंगते जब मैं पैरों पर खड़ा हुआ,
माँ की ममता की छाँव में न जाने कब मैं बड़ा हुआ।
मुसीबतें लाख आईं ज़िन्दगी के इस सफ़र में मगर,
माँ की दुआ का हाथ हमेशा मेरे सिर पर तना रहा।

जब भी चोट लगती थी मुझे बचपन में कभी,
मुझसे ज़्यादा दर्द मेरी माँ की आँखों में दिखता था।
भूख मुझे लगती थी और वो रात भर जागकर,
मेरे निवाले के लिए चक्की पीसती रहती थी।

सारे जहाँ की दौलत और शोहरत फीकी लगती है,
जब माँ बड़े प्यार से मेरे माथे को चूमती है।
दुनिया की हर जन्नत मिलकर भी वो सुख नहीं दे सकती,
जो सुख मुझे मेरी माँ की गोद में सिर रखकर मिलता है।

थक कर जब चूर हो जाता हूँ दुनिया की भागदौड़ से,
माँ के आंचल का साया सारे गम भुला देता है।
उसकी एक मीठी सी डांट और दुलार भरी थपकी,
मेरे हर थके हुए बदन को फिर से तरोताज़ा कर देती है।

ऐ खुदा मेरी उम्र भी मेरी प्यारी माँ को लग जाए,
उसकी आँखों का कोई आँसू कभी ज़मीन पर न गिर पाए।
उसे रखना हमेशा खुशियों के मखमली साये में,
ताकि मेरी दुनिया हमेशा जन्नत की तरह चहकती रहे।

दवा जब काम नहीं आती तो माँ की नज़र उतारना काम आता है,
मुसीबत के हर अंधेरे में माँ का मुस्कुराता चेहरा याद आता है।
लोग ढूंढते हैं भगवान को मंदिरों और मस्जिदों की दीवारों में,
मुझे तो मेरी माँ के चरणों में ही सारा ब्रह्मांड नज़र आता है।

कोई कैसे लिख सकता है माँ की ममता को चंद पन्नों में,
माँ तो वो महासागर है जिसके आगे शब्द भी बौने पड़ जाते हैं।
उसके त्याग और निस्वार्थ प्रेम का बदला चुकाना नामुमकिन है,
हम तो बस उसके चरणों की धूल बनकर ही धन्य हो जाते हैं।

घर से जब भी बाहर कदम निकालता हूँ मैं सफ़र के लिए,
माँ चुपके से दरवाजे पर खड़ी होकर दुआएं पढ़ती है।
हादसे तो बहुत घात लगाए बैठे रहते हैं हर राह में,
मगर माँ की दुआ की ढाल हर तीर को पीछे मोड़ देती है।

रुला कर अपनी माँ को जो मंदिर में मन्नतें मांगता है,
उस पाखंडी की कोई दुआ भगवान कभी स्वीकार नहीं करता।
सच्ची पूजा तो घर में ही बैठी उस बूढी माँ की सेवा है,
जिसने अपनी जवानी हमारे भविष्य की खातिर फूंक डाली।

माँ की लोरी सुन कर जो नींद आती थी बचपन की रातों में,
आज मखमली और महंगे गद्दों पर भी वो चैन कहाँ मिलता है।
वो कागज़ की नाव और माँ के हाथ का स्वादिष्ट सा खाना,
तरस जाती है रूह उस सुनहरे बचपन को दोबारा पाने के लिए।

चाहे सारी दुनिया आपके खिलाफ खड़ी हो जाए एक दिन,
पर माँ का विश्वास आप पर कभी कम नहीं होता।
वो अपनी आख़िरी साँस तक आपकी ढाल बनकर लड़ती रहेगी,
क्योंकि उसके लिए उसका बच्चा कभी गुनहगार नहीं होता।

ज़िंदगी की कड़वी धूप में वो ठंडी छाँव जैसी है,
मेरी प्यारी माँ ममता की बहती पावन गंगा जैसी है।
उसके बिना तो घर का एक-एक कोना काटने को दौड़ता है,
माँ घर में हो तो सूना मकान भी मंदिर जैसा लगता है।

लिखने पर आऊँ तो स्याही ख़त्म हो जाएगी मगर,
मेरी माँ के संघर्षों की गाथा कभी ख़त्म नहीं होगी।
खुद भूखी रहकर जिसने हमें पेट भर भोजन कराया सदा,
उस माँ के चरणों की वंदना मैं हर पल करता रहूँगा।

बूढी आँखों में अब भी वही पुराना दुलार और चिंता झलकती है,
'बेटा समय पर खाना खा लेना' आज भी फ़ोन पर वो कहती है।
मैं कितना भी बड़ा हो जाऊँ इस मतलबी शहर में दोस्तों,
माँ के लिए आज भी मैं वही छोटा सा नादान बच्चा हूँ।

घर की मुफ़लिसी और गरीबी को हँसकर छुपा लेती थी जो,
वो केवल मेरी माँ ही थी जो हमारे सपनों को सजाती थी।
अपनी फटी हुई साड़ी के पल्लू में खुशियाँ बांधकर,
हमारे रोते हुए चेहरे पर मुस्कान ले आती थी।

माँ का प्यार वो अनमोल मोती है जिसे खरीदा नहीं जा सकता,
यह तो बस ईश्वर की वो अनमोल देन है जिसे लौटाया नहीं जा सकता।
जिसके रहने से घर में सदा बरकत और खुशियाँ खिलती हैं,
उस माँ को कभी भूलकर भी दुखी नहीं किया जा सकता।

तन्हाइयों की रात में जब दिल बहुत उदास होता है,
ऐसा लगता है जैसे माँ का साया मेरे पास होता है।
वो धीरे से मेरे सिर पर अपना अदृश्य हाथ फिराती है,
और मेरी बंद आँखों से सारे डरावने ख़्वाब दूर भगाती है।

सच्ची मोहब्बत की जीती-जागती मिसाल होती है माँ,
मुसीबतों के हर काले बादलों के पीछे की धूप होती है माँ।
उसे सताना या रुलाना सबसे घोर पाप है इस धरा पर,
क्योंकि जिसके चरणों में स्वर्ग है, वही साक्षात् जगदम्बा होती है माँ।

सूरज तपे तो गर्मी लगती है मगर माँ तपे तो ममता बरसती है,
उसका गुस्सा भी प्यार की एक मीठी सी चाशनी जैसा होता है।
डांटती है जब गलतियों पर तो सुधार की फिक्र होती है उसे,
और अकेले में बैठकर हमारे भविष्य की मंगल कामना करती है।

मेरी तक़दीर के सब पन्ने सुनहरे अक्षरों में लिख दिए भगवान ने,
जब मेरी माँ के रूप में मुझे दुनिया का सबसे बड़ा सहारा दे दिया।
अब चाहे कितनी भी कठिन परीक्षा क्यों न ले ये परीक्षा रूपी जीवन,
मेरी माँ का आशीर्वाद ही मेरी विजय का अटूट प्रमाण है।

दुआओं का वो पावन झरना जो कभी सूखता नहीं,
माँ का आँचल वो सुरक्षा चक्र है जो कभी टूटता नहीं।
ज़माने भर की ठोकरें खाकर भी जब मैं घर वापस आता हूँ,
माँ का मुस्कुराता चेहरा देखकर मेरा सारा थकावट बह जाता है।

जब माँ बूढ़ी हो जाए तो उसका हाथ वैसे ही थाम लेना,
जैसे उसने तब थामा था जब तुम्हें चलना भी नहीं आता था।
उसकी ढलती हुई उम्र में उसका सहारा और उसकी मुस्कान बनना,
यही तो हमारे जीवन का सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य है।

ज़िंदगी के इस लम्बे सफ़र में कई हसीं रिश्ते मिलेंगे तुम्हें,
प्यार करने वाले और वादे निभाने वाले दिल भी मिलेंगे तुम्हें।
मगर याद रखना कि अपनी जान देकर भी वफ़ा निभाने वाली,
उस माँ जैसी निस्वार्थ मोहब्बत करने वाली दोबारा नहीं मिलेगी।

संसार की हर भाषा फीकी पड़ जाती है माँ के दुलार के आगे,
सारे ग्रंथ और वेद झुक जाते हैं माँ के निस्वार्थ उपकार के आगे।
जिसने अपने नौ महीने देकर हमें यह सुंदर सृष्टि दिखाई,
उस देवी को शत-शत नमन है मेरे जीवन की हर साँस के आगे।

मौत की गोद में सोने का दर्द भी भूल जाता है इंसान,
जब माँ बड़े प्यार से अपनी गोद में सुला लेती है।
उसकी ममता की गर्माहट में वो जादुई शक्ति है दोस्तों,
जो पत्थर दिल को भी पिघला कर मोम बना देती है।


ये २५ भावुक शेर माँ की असीम ममता और उनके महान त्याग को सादर समर्पित हैं। माँ के ऋण को हम कभी भी नहीं चुका सकते, लेकिन हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम हमेशा उनके चेहरे पर मुस्कान बनाए रखें और उनकी सेवा करें। अगर इन शायरियों ने आपके दिल को छुआ है, तो इन्हें आज ही अपनी प्यारी माँ को सुनाएं या उन्हें भेजकर अपने जज़्बातों का इज़हार करें!