भारतीय हास्य जगत में अगर कोई ऐसे पौराणिक पात्र हैं जिनका नाम सुनते ही चेहरे पर अपने आप मुस्कान आ जाती है, तो वो हैं 'संता और बंता'। संता की मासूमियत और उनकी अनोखी बेवकूफियाँ, और बंता का अजीबोगरीब तर्क हमेशा ही सुनने वालों को लोटपोट होने पर मजबूर कर देता है। ये दो दोस्त सालों से हमारे हंसने और हंसाने की महफ़िलों के सबसे बड़े हीरो रहे हैं। चाहे बातें राजनीति की हों, घरेलू जीवन की हों या फिर जनरल नॉलेज की, संता और बंता का अपना ही एक अलग और निराला अंदाज़ होता है।
इस हंसते-खिलखिलाते पोस्ट में हम आपके लिए ढूंढकर लाए हैं संता-बंता के ३० सबसे कड़क, नए और पूरी तरह साफ़-सुथरे पारिवारिक चुटकुले। इन्हें खुद पढ़िए, दोस्तों को सुनाइए और जीवन के सारे तनाव भूलकर खिलखिला उठिए!
संता-बंता की जुगलबंदी: 30 लाजवाब चुटकुले
संता: यार बंता, मेरी पत्नी बहुत खर्चीली है। रोज़ मुझसे दो-तीन हज़ार रुपये मांगती रहती है।
बंता: अरे भाई संता, इतनी बड़ी रकम लेकर वो करती क्या है?
संता: मुझे क्या पता यार बंता, मैंने कभी उसके हाथ में रुपये दिए ही नहीं!
बंता: संता भाई, तुम्हारी आँख इतनी लाल क्यों है? क्या रात भर सोए नहीं?
संता: अरे नहीं बंता, कल रात मैं आँखें बंद करके सपने में सुई में धागा पिरोने की कोशिश कर रहा था, उसी में जोर पड़ गया!
संता: ओए बंता, बिजली कड़कने पर टीवी बंद क्यों कर देना चाहिए?
बंता: ताकि टीवी के अंदर के कलाकारों को करंट न लग जाए और सीरियल समय पर आता रहे!
बंता: संता, डॉक्टर ने मुझे रोज सुबह दो किलोमीटर दौड़ने की सलाह दी है।
संता: तो फिर दिक्कत क्या है दौड़ो यार!
बंता: दिक्कत यह है भाई कि हमारे गाँव में तो सिर्फ चार सौ मीटर का ही रास्ता है, बाकी की दूरी के लिए क्या मैं दूसरे गाँव जाऊँ?
संता: यार बंता, मैंने अपनी पत्नी को अलमारी की चाबी सौंप दी है।
बंता: अरे वाह! तुम तो बड़े उदार पति निकले।
संता: उदार क्या खाक बंता, अलमारी के अंदर तो सिर्फ चूहे और पुराने अखबार भरे हैं, असली पैसे तो मैंने गद्दे के नीचे छुपाए हैं!
बंता: संता, अगर तुम्हारे पास बहुत सारा सोना हो, तो तुम क्या करोगे?
संता: मैं तो सबसे पहले दाईं करवट लेकर सो जाऊंगा, फिर बाईं करवट लेकर सो जाऊंगा!
संता: ओए बंता, पानी का रासायनिक सूत्र बताओ।
बंता: ओए संता, पानी का रासायनिक सूत्र है — H-I-J-K-L-M-N-O।
संता (हैरान होकर): ये कैसा सूत्र है भाई?
बंता: अरे, कल ही तो टीचर ने क्लास में बताया था कि पानी का सूत्र 'H टू O' (H to O) होता है!
बंता: संता भाई, तुम्हारी भैंस दूध क्यों नहीं दे रही है?
संता: अरे यार बंता, जब से मैंने उसे लाल रंग की बाल्टी देना शुरू किया है, वो खुद को टमाटर समझने लगी है और दूध देने से मना कर रही है!
संता: बंता, तुम्हारी साइकिल की घंटी क्यों नहीं बजती?
बंता: क्योंकि मैंने घंटी की जगह ब्रेक पर एक छोटा सा पटाखा बांध दिया है, ब्रेक मारते ही सब अपने आप रास्ता छोड़ देते हैं!
बंता: संता, क्या तुम एक हाथ से हाथी को रोक सकते हो?
संता: हाँ बंता, बशर्ते हाथी को रोकने के लिए मेरे पास ट्रैफिक पुलिस की वर्दी हो!
संता: यार बंता, कल रात मेरे घर में चोर घुस आए थे।
बंता: अच्छा! फिर तुमने क्या किया?
संता: मैंने कम्बल ओढ़ लिया और चोरों से कहा — भैया, अलमारी का ताला टूटने की आवाज़ मत करना, कल सुबह मुझे दफ्तर भी जाना है!
बंता: संता, तुम्हारी घड़ी हमेशा पांच मिनट आगे क्यों रहती है?
संता: ताकि दफ्तर जाने की जल्दी में मैं रोज चाय पीने के लिए पांच मिनट का समय निकाल सकूं!
संता: ओए बंता, हमारे दादाजी बहुत भाग्यशाली थे।
बंता: वो कैसे भाई?
संता: क्योंकि जब वो पैदा हुए थे, तब दुनिया में न तो कोई प्रदूषण था और न ही कोई होमवर्क चेक करने वाला टीचर!
बंता: संता, तुम धूप में छतरी क्यों नहीं लगाते?
संता: अरे बंता, अगर धूप में छतरी लगाऊंगा तो चाँदनी रात का मज़ा कैसे ले पाऊंगा!
संता: यार बंता, मेरी बिल्ली बहुत होशियार है। वो सुबह उठते ही न्यूज़पेपर लेकर आती है।
बंता: अरे संता, ये तो बहुत आम बात है। मेरी बिल्ली तो रोज़ सुबह उठकर पड़ोस की बिल्ली का न्यूज़पेपर चुराकर लाती है!
बंता: संता भाई, तुमने कल रात फिल्म थियेटर में पीछे की सीट क्यों बुक की थी?
संता: ताकि फिल्म के हीरो को यह न लगे कि कोई उसे लगातार घूर रहा है!
संता: कल रात मुझे सपना आया कि मैं करोड़पति बन गया हूँ।
बंता: अरे वाह! फिर तो तुमने बड़ा सा बंगला खरीदा होगा?
संता: बंगला क्या खाक बंता, आँख खुलते ही अलार्म बज गया और मुझे झाड़ू लगाने के काम पर लगना पड़ा!
बंता: संता, लोहा गरम होने पर उस पर चोट क्यों मारनी चाहिए?
संता: ताकि लोहे को यह पता चल सके कि हथौड़ा भी उससे ज़्यादा गरम मिज़ाज रखता है!
संता: ओए बंता, क्या तुम तैरना जानते हो?
बंता: हाँ संता, बिल्कुल जानता हूँ।
संता: तो फिर समुद्र के पानी में और कुएं के पानी में क्या अंतर है?
बंता: समुद्र के पानी में डूबने पर इंसान हीरो बनता है, और कुएं के पानी में डूबने पर गाँव का तमाशा बनता है!
बंता: संता, तुम्हारे बाल इतने घने कैसे हैं?
संता: अरे बंता, मैं रोज़ अपने बालों में नारियल का तेल लगाने के बाद उस पर थोड़ा सा नमक छिड़क देता हूँ ताकि बाल कड़क रहें!
संता: यार बंता, मुझे लगता है कि मेरी शादी शर्मा जी की बेटी से होनी चाहिए थी।
बंता: क्यों संता, ऐसा क्यों?
संता: क्योंकि शर्मा जी की बेटी रोज़ सुबह उठकर पूरे गाँव को राम-राम बोलती है, कम से कम घर में तो शांति रहती!
बंता: संता, तुम्हारी पत्नी कल तुम्हें डंडे से क्यों पीट रही थी?
संता: अरे यार बंता, मैंने उससे सिर्फ इतना ही तो कहा था कि तुम्हारी बनाई खीर खाकर ऐसा लगता है जैसे मैं हरिद्वार की गंगा में स्नान कर रहा हूँ!
बंता: तो इसमें पीटने वाली क्या बात थी?
संता: बात यह थी बंता कि खीर के अंदर पानी के अलावा कुछ और था ही नहीं!
संता: ओए बंता, मच्छर काटने पर क्या करना चाहिए?
बंता: चुपचाप बैठ जाना चाहिए संता, क्योंकि खुजली करने से मच्छर को लगेगा कि तुम उसकी धुनों पर नाच रहे हो!
बंता: संता, तुमने अपने कुत्ते का नाम 'टाइगर' क्यों रखा है?
संता: ताकि जब भी कोई मेहमान घर आए और कुत्ता भौंके, तो मेहमान को लगे कि कोई असली शेर अंदर बैठा है!
संता: यार बंता, इस बार गर्मी बहुत पड़ रही है।
बंता: हाँ संता, इतनी गर्मी है कि मुर्गियां भी उबले हुए अंडे देने लगी हैं!
बंता: संता, तुम्हारे पास दो गाड़ियां हैं मगर तुम पैदल क्यों चल रहे हो?
संता: क्योंकि दोनों गाड़ियों के टायर पंचर हैं और मुझे डॉक्टरों ने पैदल चलने की सलाह दी है!
संता: ओए बंता, बताओ कि वकील और डॉक्टर में क्या अंतर है?
बंता: वकील इंसान के जीवित रहते लूटता है, और डॉक्टर इंसान के मरने के बाद भी बिल थमाता है!
बंता: संता, तुम रोज मंदिर जाकर भगवान से क्या माँगते हो?
संता: मैं तो बस यही माँगता हूँ कि भगवान बंता की बुद्धि थोड़ी ठीक कर दे ताकि वो मेरे सवालों के सीधे जवाब दे सके!
संता: यार बंता, मैंने कल एक नया व्यापार शुरू किया है।
बंता: कौन सा व्यापार संता?
संता: मैं लोगों को चुप रहने की ट्रेनिंग देता हूँ, बशर्ते वे फीस समय पर नकद दे दें!
बंता: ओए संता, अगर तुम्हारे पीछे पागल कुत्ता पड़ जाए तो तुम क्या करोगे?
संता: मैं तो चुपचाप पेड़ पर चढ़ जाऊंगा।
बंता: और अगर कुत्ता भी पेड़ पर चढ़ना जानता हो तो?
संता: तो फिर मैं समझ जाऊँगा कि वो कुत्ता नहीं बंता का ही कोई करीबी रिश्तेदार है!
संता और बंता के ये चुटकुले हमारी रोज़मर्रा की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में खुशियों के छोटे-छोटे पल बटोरने के लिए बेहतरीन साधन हैं। संता और बंता की दोस्ती और हास्यास्पद बातचीत हमेशा ही हमें हँसी की नई दुनिया में ले जाती है। हमें पूरा विश्वास है कि इन ३० चटपटे चुटकुलों को पढ़कर आपके चेहरे की रौनक और बढ़ गई होगी। इस जोक्स के पिटारे को अपने दोस्तों और पारिवारिक समूहों में व्हाट्सऐप और फ़ेसबुक पर ज़रूर शेयर करें ताकि हंसी का यह चक्र लगातार चलता रहे!