हँसी हमारे जीवन का वो अनमोल टॉनिक है जो बिना किसी खर्चे के हमारे सारे मानसिक तनाव को चुटकियों में गायब कर देता है। और जब बात हास्य और चुटकुलों की हो, तो 'पति-पत्नी के जोक्स' का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। पति-पत्नी का रिश्ता खट्टी-मीठी नोक-झोंक, प्यारे मज़ाक और अनोखी मुलाक़ातों से भरा होता है। सोशल मीडिया और पारिवारिक महफ़िलों में ये चुटकुले हमेशा ही बातचीत में चार चांद लगा देते हैं।
इस हंसी के पिटारे में हम आपके लिए लेकर आए हैं पति-पत्नी के ३० सबसे मज़ेदार, नए और पारिवारिक रूप से बिल्कुल साफ़-सुथरे चुटकुले। इन्हें पढ़िए, खिलखिला कर मुस्कुराइए और अपने दोस्तों तथा परिवार के साथ साझा करके उनकी सुबह भी खुशनुमा बनाइए!
हँसी का धमाका: पति-पत्नी के 30 ज़बरदस्त चुटकुले
पत्नी: अज़ीज़, सुनते हो? शादी के बाद हमारे बीच का प्यार बहुत कम हो गया है।
पति: अरे ऐसा नहीं है भाग्यवान! ध्यान से देखो, शादी के पहले तुम मुझसे बात करने के बहाने ढूंढती थी, और अब मैं घर से बाहर भागने के बहाने ढूंढता हूँ!
पति (दुखी होकर): डॉक्टर साहब, मेरी पत्नी जब भी गुस्सा होती है मुझ पर बर्तन फेंकने लगती है।
डॉक्टर: तो फिर तुम मेरे पास क्यों आए? किसी पुलिस स्टेशन या कोर्ट में जाओ।
पति: नहीं डॉक्टर साहब, मैं तो बस अपनी आँखों की जांच कराने आया हूँ, आजकल उसके फेंके हुए बर्तनों के निशाने अचूक होने लगे हैं!
पत्नी: देखो जी, पड़ोस के शर्मा जी अपनी पत्नी को रोज़ शॉपिंग पर ले जाते हैं, कुल्फी खिलाते हैं। आप क्यों नहीं ले जाते मुझे?
पति: भाग्यवान, मैं तो तुम्हें रोज़ ले जाने को तैयार हूँ, मगर शर्मा जी से एक बार पूछ तो लो कि उनकी पत्नी मेरे साथ जाने को तैयार है या नहीं?
पत्नी (गुस्से में): हमारे बीच अब पहले जैसी बात नहीं रही। अगर मैं मर गई तो आप क्या करेंगे?
पति: मैं तो पागल हो जाऊँगा!
पत्नी: अच्छा, दूसरी शादी तो नहीं करोगे न?
पति: अरे जब पागल हो ही जाऊँगा, तो कुछ भी कर सकता हूँ!
पत्नी: जी, डॉक्टर ने मुझे ताज़ी हवा और खुली जगह में समय बिताने की सलाह दी है। आप इस बारे में क्या सोचते हैं?
पति: बहुत बढ़िया सलाह दी है! हमारे घर की छत एकदम खुली है, जाओ वहीं बैठकर थोड़ी हवा खा लो!
पत्नी: मैंने आज सुबह एक सपना देखा कि आप मेरे लिए हीरों का हार खरीद कर लाए हैं। इसका क्या मतलब हो सकता है?
पति: शाम को जब मैं घर लौटा, तो हाथ में एक किताब थी। पत्नी ने खुश होकर खोला, तो उसमें लिखा था — "सपनों का अर्थ और उनकी व्याख्या!"
पति: शादी के पहले तुम कितनी पतली-दुबली और प्यारी थी, अब क्या हो गया?
पत्नी: शादी के पहले मैं हवा पीकर रहती थी, अब घरेलू तनाव खा-खा कर ऐसी मोटी हो गई हूँ!
पत्नी: सुनो जी, अगर रास्ते में कोई जंगली भालू मुझे पकड़ ले, तो आप क्या करेंगे?
पति: मैं क्या करूँगा भाग्यवान? भालू ने मुसीबत खुद मोल ली है, भुगतेगा भी वही!
पत्नी: अज़ी जी, हमारी शादी को आज पूरे दस साल हो गए। क्यों न इस खुशी में एक बकरा हलाल किया जाए?
पति: बकरे का क्या कसूर भाग्यवान? जो कुछ हुआ उसके लिए बकरा थोड़ी ज़िम्मेदार है!
पत्नी: अजी सुनते हो, आज हमारे पड़ोसी कुत्ता खरीद कर लाए हैं। क्या आप भी मेरे लिए कोई प्यारा जानवर लाएंगे?
पति: अरे भाग्यवान, तुम्हारे घर में रहते हुए मुझे किसी दूसरे जानवर की क्या ज़रूरत!
पति (रोमांटिक होकर): तुम्हारी आँखों में डूब जाने को जी चाहता है।
पत्नी: डूब तो जाओगे जी, पर ध्यान रखना पीछे बच्चे भी खड़े हैं पानी में धक्का देने के लिए!
पत्नी: मेरी माँ कहती हैं कि जो लड़के शादी नहीं करते, वे बहुत सुखी और समझदार होते हैं।
पति: तुम्हारी माँ बिल्कुल सच कहती हैं! काश, यह बात उन्होंने मुझे शादी से पहले बताई होती!
पति: आज खाने में क्या बनाया है भाग्यवान?
पत्नी: बैंगन का भर्ता बनाया है जी।
पति: अरे यार, कल भी तो यही बनाया था।
पत्नी: कल मैंने बैंगन को बिना उबाले बनाया था, आज उबाल कर बनाया है। नयापन तो है न!
पत्नी: जी, आपको मेरी कौन सी बात सबसे ज़्यादा अच्छी लगती है? मेरी सुघड़ता, मेरी हँसी या मेरा सुंदर चेहरा?
पति: मुझे तो तुम्हारी वो बात सबसे अच्छी लगती है, जब तुम चुपचाप सो जाती हो!
पत्नी: सुनो जी, आज मैंने आपके पर्स से पांच सौ रुपये निकाले।
पति: कोई बात नहीं भाग्यवान, पर मेरा पर्स तो कल ही खाली हो चुका था।
पत्नी: अरे! फिर मैंने किसका पर्स अलमारी से निकाल लिया? पड़ोसी शर्मा जी बाहर खड़े ढूंढ रहे हैं!
पति: हे भगवान! मेरी पत्नी हमेशा घर के काम मुझसे ही करवाती है। कोई उपाय बताओ।
गंभीर बाबा: बेटा, सीधे जाकर अपनी सास से शिकायत करो।
पति: क्यों बाबा?
बाबा: क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट के लिए डीलर ही ज़िम्मेदार होता है!
पत्नी: डॉक्टर साहब, मेरे पति नींद में बहुत बड़बड़ाते हैं। कोई ऐसी दवा दो जिससे ये ठीक हो जाएं।
डॉक्टर: बहन जी, दवा की कोई ज़रूरत नहीं। इन्हें दिन के समय थोड़ा बोलने का मौका दिया करो, नींद में खुद चुप रहेंगे!
पत्नी: देखो जी, हमारे बंटी ने आज स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आखिर खून किसका है!
पति (धीमे से): खून तो मेरा ही है भाग्यवान, जिसे तुम दिन-रात पीती रहती हो!
पति: आज से मैं बाहर का खाना बिल्कुल बंद कर रहा हूँ, सिर्फ तुम्हारे हाथ का बना खाऊंगा।
पत्नी (खुश होकर): सचमुच जी? ऐसा क्यों?
पति: क्योंकि जीवन बीमा पॉलिसी के पैसे मिलने की आख़िरी तारीख नज़दीक आ गई है!
पत्नी: शादी के दस साल बाद भी आप मेरे पीछे वैसे ही दीवाने हैं जैसे पहले दिन थे। इसका राज क्या है?
पति: अरे भाग्यवान, जब पुलिस पीछे पड़ी हो तो भागते रहना ही पड़ता है, रुकने का जोखिम कौन ले!
पत्नी: मेरा रंग कितना गोरा है न जी?
पति: हाँ भाग्यवान, बिल्कुल दूध जैसी सफ़ेद हो।
पत्नी: और आपका रंग इतना सांवला क्यों है?
पति: अरे, जब मैं पैदा हुआ था तब कोयले की खान में लाइट चली गई थी!
पति: आज मैंने दफ्तर में शर्मा जी को अपनी पत्नी की तारीफ करते सुना।
पत्नी (खुश होकर): अच्छा जी! उन्होंने क्या कहा?
पति: उन्होंने कहा कि भगवान हर किसी को वैसी पत्नी दे जैसी शर्मा जी की अपनी है!
पत्नी: सुनो जी, कल मेरे भाई घर आ रहे हैं। खाने में क्या विशेष बनाऊं?
पति: ज़हर बना लो भाग्यवान!
पत्नी: नहीं जी, वो तो मैं रोज़ आपके लिए बनाती ही हूँ। भाई के लिए कुछ नया बताओ!
पत्नी: मुझे लगता है कि शादी के बाद मेरी खूबसूरती और बढ़ गई है।
पति: हाँ भाग्यवान, तुम्हारी आँखों के नीचे जो काले घेरे आए हैं, उनसे तुम्हारी सादगी और गहरा गई है!
पति: डॉक्टर साहब, मेरी पत्नी बहुत कमज़ोर हो गई है।
डॉक्टर: इन्हें रोज़ एक सेब और दो संतरे खिलाया करो।
पति: ठीक है डॉक्टर साहब, पर शर्मा जी की पत्नी तो रोज़ बादाम खाती हैं। क्या मैं अपनी पत्नी को शर्मा जी के घर भेज दूँ?
पत्नी: अजी सुनते हो, आज हमारी कामवाली बाई नहीं आई है।
पति: क्यों, क्या हुआ उसे?
पत्नी: उसने कहा कि जब तक आप घर के सारे काम खुद नहीं करते, वो काम पर नहीं आएगी क्योंकि उसकी ट्रेनिंग अधूरी रह जाती है!
पति: भगवान ने तुम्हें इतना सुंदर बनाया मगर अक्ल देना भूल गया!
पत्नी: अजी अक्ल तो बहुत दी थी भगवान ने, पर वो सारी अक्ल आपसे शादी करने के फैसले में खर्च हो गई!
पत्नी: सुनो जी, अगर मैं खो गई तो आप पेपर में क्या विज्ञापन दोगे?
पति: मैं लिखवाऊंगा — "जो भी भाई इसे ढूंढ कर घर वापस न लाए, उसे उचित इनाम दिया जाएगा!"
पति: तुम्हारी माँ हमेशा हमारी नोक-झोंक के बीच में क्यों आ जाती हैं?
पत्नी: क्योंकि निर्माता हमेशा अपनी फिल्म की सफलता पर नज़र रखता है!
पत्नी: अजी उठो, सुबह के आठ बज गए हैं। आज आपको दफ्तर नहीं जाना क्या?
पति (नींद में): अरे भाग्यवान, आज संडे है, थोड़ा सोने दो।
पत्नी: अरे भूल गए क्या, आज आपकी दफ्तर की छुट्टी रद्द हो गई थी।
पति: हे भगवान! संडे के दिन भी तुम्हारी ये आवाज़ किसी अलार्म से कम डरावनी नहीं लगती!
पति-पत्नी के ये चुटकुले हमारे दैनिक जीवन के तनाव को कम करने और आपसी रिश्तों में हँसी-मज़ाक का रंग घोलने के लिए बेहद ज़रूरी हैं। रिश्तों में थोड़ी-बहुत नोक-झोंक तो चलती ही रहती है, मगर हँसना और मुस्कुराना ही जीवन का असली उद्देश्य होना चाहिए। उम्मीद है कि इन ३० चटपटे चुटकुलों ने आपके दिन को हँसी से भर दिया होगा। इन्हें अपने व्हाट्सऐप ग्रुप्स में दोस्तों और लाइफ पार्टनर के साथ ज़रूर शेयर करें!